राप्ती नदी के जलस्तर में आया उछाल, एक दिन में 77 सेमी बढ़ा पानी ?
लगातार हो रही बारिश का असर जिले में बहने वाली नदियों के जलस्तर पर दिखने लगा है। राप्ती नदी का जलस्तर अचानक 79 सेंटी मीटर बढ़ गया.

लगातार हो रही बारिश का असर जिले में बहने वाली नदियों के जलस्तर पर दिखने लगा है। रविवार को स्थिर रहने वाली राप्ती नदी का जलस्तर अचानक 79 सेंटी मीटर बढ़ गया। इससे इसके तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति पैदा होने लगी है।अनुमान लगाया जा रहा है कि इसी तरह से पानी बढ़ा तो बाढ़ जल्द आ सकती है। इसके अलावा गोर्रा का जलस्तर 60 सेमी जबकि रोहिन का पानी 32 सेमी बढ़ा है। घाघरा के बढ़ने की रफ्तार कम हो गई है। चौबीस घंटे में उसका पानी मात्र 24 सेमी बढ़ा है। वहीं बाल्मीकि नगर बैराज से 2.80 लाख क्यूसेक पानी गंडक नदी में छोड़ा गया है।
मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर सबसे अधिक राप्ती नदी में देखा जा रहा है। राप्ती नदी का पानी चौबीस घंटे में 79 सेमी बढ़ गया है। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि राप्ती नदी के क्षेत्र वाले भाग में नेपाल की पहाड़ियों पर भी बारिश हुआ है।
इसी प्रकार राप्ती नदी की सहयोगी गोर्रा नदी का भी जलस्तर तेजी से बढ़ा है। शुक्रवार को गोर्रा में न के बराबर पानी बढ़ा था, लेकिन शनिवार को उसका जलस्तर 60 सेमी बढ़ गया है। शुक्रवार को नीचे की तरफ जा रही रोहिन नदी का जलस्तर शनिवार को 32 सेमी बढ़ गया। शुक्रवार को घाघरा का जलस्तर अचानक एक मीटर बढ़ गया ।लेकिन, शनिवार को उसके जलस्तर में 24 सेमी की बढ़त दर्ज की गई।
नेपाल से निकलने वाली गंडक नदी पर बाल्मीकि नगर में बैराज बनाया गया है। वहां पर हर रोज पानी बैराज से गंडक नदी में छोड़ा जाता है। शनिवार को बैराज से 2.80 लाख क्यूसेक पानी गंडक नदी में छोड़ा गया। इसका असर गंडक के तटवर्ती क्षेत्रों में दिखेगा।