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जीओएम की 23वीं बैठक में डॉ. हर्षवर्धन ने कहा-  कोराना को नियंत्रित करने में भारत को मिली बड़ी सफलता  

3 फरवरी 2020 को हुई थी कोविड के प्रबंधन के लिए गठित मंत्रियों के समूह की पहली बैठक

नई दिल्ली।  केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज वीडियो-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कोविड -19 से जुड़े उच्चस्तरीय मंत्रियों के समूह (जीओएम) की 23वीं बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि कोविड के प्रबंधन के लिए गठित मंत्रियों के समूह को काम करते हुए अब एक साल हो गया है। उन्होंने कहा कि पहला मामला पिछले साल 30 जनवरी को दर्ज किया गया था और कोविड के प्रबंधन के लिए गठित मंत्रियों के समूह (जीओएम) की पहली बैठक 3 फरवरी 2020 को हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की परिकल्पना के अनुरूप  सरकार  और  समाज  के दृष्टिकोण के साथ  भारत ने सफलतापूर्वक इस महामारी को नियंत्रित करने में सफलता हासिल की। पिछले 24 घंटों में 12,000 से भी कम मामले दर्ज किए गए हैं और सक्रिय मामलों की संख्या घटकर मात्र 1.73 लाख रह गई है।

उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि 146 जिलों में पिछले 7 दिनों से, 18 जिलों में 14 दिनों से, 6 जिलों में 21 दिनों से और 21 जिलों में पिछले 28 दिनों से कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। यह उपलब्धि बहुत ही सक्रियता के साथ जांच के जरिए हासिल की गई है। अब तक 19.5 करोड़ से अधिक जांच की कई है। जांच की वर्तमान क्षमता 12 लाख प्रतिदिन है।

इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कुल सक्रिय मामलों में से  मात्र 0.46% वेंटिलेटर पर हैं, 2.20% आईसीयू में हैं और महज 3.02% ऑक्सीजन सहायता पर हैं। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि यूके वेरिएंट के अब तक 165 मामले सामने आए हैं। उन्हें सुपरवाइज्ड क्वारंटीन और निगरानी में रखा गया है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत ने ऐसे वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट के दौरान कोविड-19 के टीके की आपूर्ति के माध्यम से अन्य देशों को सहयोग दिया है और टीका देने के तरीकों के बारे में कई देशों के स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया है।

 

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