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सरकार ने गलती से खाते में भेज दिए ₹36 लाख, तो शिक्षिका ने ऐसे पेश की ईमानदारी की मिसाल

तकनीकी खराबी के कारण शिक्षिका के खाते में पहुंची रकम, बैंक ने किया फ्रीज

नई दिल्ली। खाते में कहीं से कुछ पैसे आए तो काफी सुकून मिलता है। लेकिन, अचानक बड़ी रकम आ जाए तो यह परेशानी का सबब भी बन जाती है। ऐसा ही कुछ हुआ तुकमीरपुर स्थित राजकीय कन्या उच्चतर विद्यालय नंबर-एक की शिक्षिका वंदना चौहान के साथ हुआ। मंगलवार को सुबह आंख खुली तो पता चला कि कहीं से 36 लाख रुपये खाते में आए हैं। वह घबरा गईं। इसके बाद बैंक पहुंचकर इस संबंध में शिकायत दी कि उनके खाते में इतनी बड़ी रकम पहुंची हैं। बैंक ने जांच की तो पता चला कि उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से राशि जारी की गई है। वास्तव में यह रकम उप्र राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड के लिए जारी की गई थी, लेकिन तकनीकी गलती से शिक्षिका के खाते में पहुंच गई। बहरहाल, बैंक ने उक्त राशि को फ्रीज कर दिया है। इस संबंध में उप्र सरकार और राशि जारी करने वाले बैंक को सूचना दे दी गई है।

बता दें कि वंदना अपने परिवार के साथ नेहरू विहार में रहती हैं। उनके पति मोहित कुमार राजकीय बाल उच्चतर विद्यालय नंबर-दो में शिक्षक हैं। वंदना ने बताया कि सुबह मोबाइल में आए मैसेज को देखा तो पता चला कि 36 लाख रुपये कहीं से खाते में आए हैं। उन्होंने तुरंत अपने पति को इसकी जानकारी दी। इसके बाद स्कूल पहुंचीं। स्कूल से छुट्टी के बाद वह पति को लेकर ज्योति नगर, लोनी रोड स्थित आइडीबीआइ बैंक की शाखा में पहुंचीं जहां उनका खाता है। शाखा प्रबंधक को उन्होंने मामले की जानकारी दी। बैंक कर्मियों ने जांच की पता चला कि यह रकम लक्ष्मी भवन, निशातगंज, लखनऊ स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से जारी हुई है।

पीएनबी में संपर्क करने पर पता चला कि उप्र सरकार की तरफ से इस राशि का भुगतान राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को किया गया था। इस एजेंसी का खाता आइडीबीआइ बैंक के लखनऊ शाखा में है। तकनीकी गड़बड़ी की वजह से ऐसा हुआ है। इसके बाद बैंक ने उनके खाते में पड़े 36 लाख रुपये को फ्रीज कर दिया है। बाकी रकम वह इस्तेमाल कर सकती हैं। वंदना ने बताया कि यह उनका वेतन का खाता है। इसमें वेतन के अलावा कुछ नहीं आता है। वेतन दो दिन पहले ही आ चुका था।

रिपोर्ट- जसवंत गोयल दिल्ली

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