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हमारी पारंपरिक दवाओं ने विश्व मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है : प्रधानमंत्री

"कोरोना महामारी ने हमें भविष्य में ऐसी चुनौतियों से लड़ने के लिए तैयार कर दिया है"

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित बजट कार्यान्वयन पर एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि बजट में स्वास्थ्य के क्षेत्र के लिए आवंटित की गई राशि अभूतपूर्व है। ये इस सेक्टर के प्रति हमारे समर्पण को दिखाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि कोरोना महामारी ने हमें भविष्य में ऐसी चुनौतियों से लड़ने के लिए तैयार कर दिया है।

इस वेबिनार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना के दौरान भारत के हेल्थ सेक्टर ने जो मजबूती दिखाई है, अपने जिस अनुभव औऱ अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है, उसे दुनिया ने बहुत बारीकी से नोट किया है। आज पूरे विश्व में भारत के हेल्थ सेक्टर की प्रतिष्ठा और भारत के हेल्थ सेक्टर पर भरोसा, नए स्तर पर है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम भारत को स्वस्थ रखने के लिए चार मोर्चों पर एक साथ काम कर रहे हैं।

इनमें से पहला मोर्चा है – बीमारियों को रोकने का, दूसरा मोर्चा है – गरीब से गरीब को सस्ता और प्रभावी इलाज देने का। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र जैसी योजनाएं यही काम कर रही हैं। इसके अलावा तीसरा मोर्चा है- हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स की गुणवत्ता और मात्रा में बढ़ोतरी करना। वहीं चौथा मोर्चा है- समस्याओं से पार पाने के लिए मिशन मोड पर काम करना। मिशन इंद्रधनुष का विस्तार देश के आदिवासी और दूर-दराज के इलाकों तक किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि  देश से टीबी को खत्म करने के लिए हमने वर्ष 2025 तक का लक्ष्य रखा है। टीबी की रोकथाम के लिए मास्क पहनना, शीघ्र निदान और इलाज तीनों जरूरी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने वेबिनार में आगे कहा कि भारत की दवाओं और वैक्सीन के साथ-साथ हमारे मसालों और हमारे काढ़े का भी कितना बड़ा योगदान है, ये दुनिया आज अनुभव कर रही है। हमारी पारंपरिक दवा ने भी विश्व मंच पर अपनी एक जगह बनाई है।

 

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