केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं को किया सम्मानित

नई दिल्ली।  केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास और वित्त निगम (एनएमडीएफसी) की “पोषण और कोविड जागरूकता शिविर” को संबोधित किया।

मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि आपदा को अवसर बनाने में सरकार, समाज और संस्थाओं ने कंधे से कंधा मिलाकर प्रेरणादायक काम किया है। कोरोना की चुनौती के एक वर्ष से भी कम समय में भारत में दो “मेड इन इंडिया” वैक्सीन का आना, देश के वैज्ञानिकों के प्रयासों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशवासियों की सलामती के संकल्प का प्रमाण है।

इस अवसर पर उन्होंने कोरोना की चुनौतियों के दौरान लोगों की सेहत-सलामती के संकल्प के साथ काम करने वाली सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं को सम्मानित भी किया।

केंद्रीय मंत्री नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना के संकट के समय आगे बढ़कर “संकटमोचक” की भूमिका निभाई है। मोदी जी की दूरदर्शिता, प्रभावी नेतृत्व का ही नतीजा है कि इतनी बड़ी जनसंख्या वाला देश होने के बावजूद भारत ने कोरोना के कहर के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना काल को आपदा नहीं बनने दिया बल्कि “आत्मनिर्भर भारत” बनाने के एक अवसर में तब्दील कर दिया।

मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कोरोना की चुनौतियों के दौरान 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त राशन मुहैया कराया गया। 8 करोड़ से ज्यादा परिवारों को 3 महीने का निशुल्क गैस सिलिंडर दिया गया। 20 करोड़ महिलाओं के जन-धन खाते में 1500 रूपए दिए गए। कोरोना से लड़ने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों को 17 हजार करोड़ रूपए से ज्यादा जारी किये। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिये 60 लाख से अधिक प्रवासियों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाया गया।

इसके अलाव 20 लाख करोड़ रूपए के ”आत्मनिर्भर भारत पैकेज” का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत कृषि क्षेत्र के लिए 1 लाख करोड़ रूपए की घोषणा की गई। डेरी से फेरी वालों तक की चिंता की गई।

 

 

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