
उत्तर प्रदेश: बारिश से मौसम एकदम बदल गया है। इस बरसात ने किसनों की परेशानियां बढ़ा दी है। बारिश और तेज हवा से फसलों को भारी नुकसान का सामना करणा पड़ा रहा है, जिससे किसानों के घरों में मायूसी छा गई है। दरअसल किसानों की तैयार खड़ी सरसों, गेहूं की फसल पर आसमान से बरसी आफत ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी। बारिश से हुए इस नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल राहत देने का निर्देश दिया है।
बता दें कि प्रदेश में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों की फसलों पक कर कटने के लिए तैयार थी, लेकिन अचानक ओलावृष्टि के साथ बारिश हो गई, जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। ओले भी गिरने से फसलें बर्बाद हुईं। गेहूं और सरसों पर तो सबसे ज्यादा इस मौसम का प्रभाव पड़ा है। आलू की फसल की पिटाई हो रही थी, उसका भी भारी नुकसान हुआ, खेतों में पानी भर गया। वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक अभी प्रदेश में ऐसा ही मौसम रहेगा।
बारिश से बर्बाद हुई फसलों से परेशान किसानों को केंद्र सरकार आपदा राहत कोष से मुआवजा देगी। किसानों के दावे के मुताबिक विभिन्न जिलों में गेहूं, सरसों, चना व अरहर की फसल में 10 से 45 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। इसी तरह आम के बौर को भी नुकसान हुआ है। किसान कह रहे हैं कि बर्बाद हुई कुछ फसल भले बच जाए, लेकिन दाने कमजोर हो जाएंगे। जहां खेत में पानी भर गया है, वहां नुकसान ज्यादा है। वहीं, वाराणसी में गेहूं 40-45 प्रतिशत, सरसों 20-25 प्रतिशत, अरहर की 15 प्रतिशत तक फसल प्रभावित हुई। गाजीपुर में गेहूं की फसल 15 प्रतिशत, सरसों पांच और मसूर की 5 प्रतिशत फसल बर्बाद हुई है। किसानों के अनुसार 40 प्रतिशत फसल को नुकसान है। मऊ में 66 मिमी बारिश से गेहूं को 35 प्रतिशत, सरसों को 10 और चना को 15 प्रतिशत नुकसान है। ऐसे ही प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी फसलों को भारी नुकसान हुआ है।