जानिए, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की परपोती को किस मामले में हुई 7 साल की सजा
साल 2015 से चल रहा था यह मामला

नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका में धोखाधड़ी के मामले में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की परपोती को सात साल की जेल की सजा सुनाई गई है। उन पर तीन करोड़ से अधिक रूपये की जालसाजी का आरोप था। 56 वर्षीय आशीष लता रामगोबिन को डरबन की अदालत ने छह मिलियन रेंड (दक्षिण अफ्रीका की करेंसी) की धोखाधड़ी और जालसाली करने का दोषी पाया और सात साल जेल की सजा सुनाई। यह मामला साल 2015 से चल रहा था।
A South African court in Durban sentenced Mahatma Gandhi’s great-granddaughter to seven years in prison for her role in a six-million-rand fraud and forgery casehttps://t.co/tCXbaalkWH
— WION (@WIONews) June 8, 2021
“> मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महात्मा गांधी की पोती आशीष लता रामगोबिन ने यह धोखा एसआर महाराज के साथ किया है। 56 साल की आशीष लता को एसआर महाराज ने हिंदुस्तान में मौजूद एक कंसाइनमेंट के लिए आयात और सीमा शुल्क के तौर पर 6.2 मिलियन रैंड (अफ्रीकन मुद्रा) एडवांस में दिए थे। आशीष लता रामगोबिन ने उस मुनाफे में हिस्सेदारी देने की बात कही थी।
बता दें कि आशीष लता रामगोबिन प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता इला गांधी और मेवा रामगोबिंद की बेटी हैं। जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका में अपने कार्यकाल के दौरान महात्मा गांधी के ज़रिए कायम फीनिक्स सेटलमेंट को दोबारा जिंदा करने में अहम भूमिका निभाई है।