
DESK: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दशहरे के अवसर पर जनसंख्या नीति और उसमें संतुलन के महत्व को लेकर बात की है. इस बीच ओवैसी ने मोहन भागवत के बयान पर पलटवार किया है. एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि दशहरा मोहन भागवत के लिए हेट स्पीच का वार्षिक दिवस है. उन्होंने कहा कि जनसंख्या में असंतुलन के भय से दुनिया के कई हिस्सों में नरसंहार और हेट क्राइम की घटनाएं हुई हैं.
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि जब कभी किसी देश में जनसांख्यिकी असंतुलन पैदा होता है तब उस देश की भौगोलिक सीमा में भी परिवर्तन होता है.
ओवैसी का भागवत पर पलटवार: एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि कोसोवो सर्बियाई राष्ट्रवादियों की ओर से अल्बानियाई मुसलमानों के नरसंहार के बाद बनाया गया था. अगर हिंदुओं और मुसलमानों का डीएनए एक ही है तो असंतुलन कहां है?
ओवैसी ने जोर देते हुए कहा कि जनसंख्या नियंत्रण की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि हमने पहले ही प्रतिस्थापन दर हासिल कर ली है. उन्होंने कहा कि आज चिंता बढ़ती उम्र और बेरोजगार युवाओं की है, जो बुजुर्गों को सपोर्ट नहीं कर सकते. उन्होंने दावा किया कि मुसलमानों में प्रजनन दर में सबसे तेज गिरावट हुई है.