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‘मन की बात’ कार्यक्रमः साल की विदाई पर पीएम मोदी ने की कश्मीर के केसर की तारीफ

पीएम ने कहा कि हमारे देश में आतताइयों से, अत्याचारियों से, देश की हजारों साल पुरानी संस्कृति, सभ्यता, हमारे रीति-रिवाज को बचाने के लिए, कितने बड़े बलिदान दिए गए हैं, आज उन्हें याद करने का भी दिन है।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि चार दिन बाद नया साल शुरू होने वाला है। अगले साल अगली मन की बात होगी। उन्होने कहा कि देश में नया सामर्थ्य पैदा हुआ है। इस नई सामर्थ्य का नाम आत्मनिर्भरता है। देश में बने खिलौनों की मांग बढ़ रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि मुझे कई देशवासियों के पत्र मिले हैं। अधिकतर पत्रों में लोगों ने देश के सामर्थ्य, देशवासियों की सामूहिक शक्ति की भरपूर प्रशंसा की है। जब जनता कर्फ्यू जैसा अभिनव प्रयोग, पूरे विश्व के लिए प्रेरणा बना, जब ताली-थाली बजाकर देश ने हमारे कोरोना वॉरियर्स का सम्मान किया था, एकजुटता दिखाई थी उसे भी कई लोगों ने याद किया है।

उन्होंने कहा कि देश के सम्मान में सामान्य मानवी ने इस बदलाव को हमसूस किया है। मैंने देश में आशा का एक अद्भुत प्रवाह भी देखा है। चुनौतियां खूब आई, संकट भी अनेक आए। कोरोना के कारण दुनिया में सप्लाई चेन को लेकर अनेक बाधाएं भी आई, लेकिन हमने हर संकट से नए सबक लिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जीरो इफेक्ट, जीरो डिफेक्ट की सोच के साथ काम करने का ये उचित समय है। मैं देश के मैन्युफैक्चरर्स और इंजस्ट्री से आग्रह करता हू। देश के लोगों ने मजबूत कदम उठाया है, मजबूत कदम आगे बढ़ाया है, वोकल फॉर लोकल.. ये आज घर-घर में गूंज रहा है। ऐसे में, अब यह सुनिश्चित करने का समय है, कि, हमारे उत्पाद विश्वस्तरीय हों। साथियों हमें वोकल फॉर लोकल की भावना को बनाये रखना है, बचाए रखना है, और बढ़ाते ही रहना है। आप हर साल न्यू ईयर रेजोल्यूशन लेते हैं, इस बार एक रेजोल्यूशन अपने देश के लिए भी जरुर लेना है।

पीएम मोदी ने कहा कि आज के ही दिन गुरु गोविंद जी के पुत्रों, साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार में जिंदा चुनवा दिया गया था। अत्याचारी चाहते थे कि साहिबजादे अपनी आस्था छोड़ दें, महान गुरु परंपरा की सीख छोड़ दें। लेकिन, हमारे साहिबजादों ने इतनी कम उम्र में भी गजब का साहस दिखाया, इच्छाशक्ति दिखाई। दीवार में चुने जाते समय, पत्थर लगते रहे, दीवार ऊंची होती रही, मौत सामने मंडरा रही थी, लेकिन, फिर भी वो टस-से-मस नहीं हुए।

पीएम ने कहा कि हमारे देश में आतताइयों से, अत्याचारियों से, देश की हजारों साल पुरानी संस्कृति, सभ्यता, हमारे रीति-रिवाज को बचाने के लिए, कितने बड़े बलिदान दिए गए हैं, आज उन्हें याद करने का भी दिन है।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में देश के अंदर शेरों की संख्या बढ़ी है। तेंदुओं की संख्या भी 60 फीसदी बढ़ी है। 2014 से 2018 के बीच भारत में तेंदुओं की संख्या 60 फीसदी बढ़ी। 2014 में, देश में तेदुओं की संख्या लगभग 7,900 थी, वहीं 2019 में इनकी संख्या बढ़कर 12,852 हो गयी। भारतीय वनक्षेत्र में भी बढ़ावा हुआ है।

देश के अधिकतर राज्यों में, विशेषकर मध्य भारत में, तेंदुओं की संख्या बढ़ी है। तेंदुए की सबसे अधिक आबादी वाले राज्यों में, मध्यप्रदेश, कर्नाटका और महाराष्ट्र सबसे ऊपर हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि है।

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कोरोना वायरस के कारण साल 2020 काफी उथल-पुथल भरा रहा। ऐसे में पीएम ने ट्वीट कर लिखा, ‘बीते हुए साल को आप कैसे देखते हैं? 2021 में क्या देखना चाहेंगे? यह 27 दिसंबर को साल 2020 के आखिरी मन की बात में शेयर करें। MyGov, NaMo App पर लिखें या फिर अपना संदेश 1800-11-7800 पर रिकॉर्ड करें.’ मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी विभिन्न मुद्दों के बारे में बात करते हैं। मन की बात में पीएम मोदी के संबोधन को डीडी, ऑल इंडिया रेडियो, नमो मोबाइल ऐप के जरिए सुना जा सकता है।

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