नेताओं के झूठे दावे विधायकों का गोल मटोल जवाब, ग्राम प्रमुख के बहाने
तीनों के कारनामों के चलते ग्राम पंचायत डोमाडिह गांव अपनी बदहाल सड़क की जर्जर स्थिति के चलते रो रहा है खून के आंसू।

छत्तीसगढ़-चुनाव के समय नेताओं के झूठे दावे, चुनाव के बाद विधायकों का गोल मटोल जवाब व ग्राम प्रमुख के बहाने और इन तीनों के काले कारनामों पर पर्दा डालने वाले घूसखोर अधिकारी इन सभी के कारनामों के चलते आज ग्राम पंचायत डोमाडिह गांव पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है जहां ग्राम पंचायत डोमाडिह गांव अपनी बदहाल जर्जर सड़कों की हालतो के चलते खून के आंसू रोने को मजबूर है जिस पर ना तो नेताओं की नजर पड़ती है और ना ही अधिकारी इस मामले में शुद्ध लेते हैं ग्राम पंचायत डोमाडीह के ग्रामीण बार-बार अधिकारी व क्षेत्रीय विधायक के सामने अपनी समस्या लेकर जा रहे हैं उनको अपनी समस्या बता रहे हैं लेकिन दलाल अधिकारी और भ्रष्टाचारी नेता इनकी बातों को अनसुनी कर दे रहे।
जहां इन दलाल अधिकारी और भ्रष्टाचारी विधायक व झूठे दावे करने वाले नेताओं के चलते आज जांजगीर-चांपा जिले के एक छोटे से गांव अपनी बदहाल सड़कों की जर्जर स्थिति के चलते हर रोज खून के आंसू रोने के मजबूर हैं।कैसे बदहाल जर्जर सड़कों की हालत के चलते हर रोज लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं कैसे बरसात के दिनों में मजबूर होकर लोग घुटने भर कि कीचड़ से पैदल चलने को मजबूर हैं गौर से देखिए इस नजारे को यह नजारे जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के एक छोटे से गांव डोमाडिह का जहां सड़क है कि गड्ढे समझ नहीं आ रहा है।
जी हां आपने तो अपने जीवन में अद्भुत दृश्य तो देखा ही होगा जहां एक साथ बहुत सारे तालाब देखे होंगे परंतु आज हम आपको एक ऐसा अद्भुत दृश्य दिखाने वाले हैं जहां सड़कों के हर कदम पर आपको तालाब नजर आएगी और इन्हीं पर चलका लोग
अपने गांव से आवागमन करने को मजबूर रहते हैं जी हां हम बात कर रहे हैं जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के एक छोटे से गांव डोमाडिह की जहां एक अनोखा नजारा आपको ग्राम पंचायत के प्रमुख रास्ते में देखने को मिलेगा जहां बरसात के दिनों में हर 2 फुट के दायरे में आपको एक तालाब देखने को मिल जाएगा और इसी तालाब को अपना रास्ता बना कर लोग अपनी जान को जोखिम में डालकर चलने को मजबूर हो रहे हैं जहां आजादी के 74 साल बाद भी सड़कों की स्थिति नहीं सुधरी और ना ही यहां आने जाने के लिए पक्की सड़के बनाई गई है जिसके चलते आज ग्राम पंचायत डोमाडिह गांव अपनी बदहाल जर्जर सड़कों की हालत के चलते खून के आंसू रो रहा है जहां हर रोज लोग जर्जर सड़कों की हालत के चलते दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं अपनी जान गवा रहे हैं फिर भी प्रशासन मौन नजर आ रहे हैं।हम आपको बता देना चाहते हैं कि बरसात के दिनों में ग्राम पंचायत डोमाडिह के कच्ची सड़कों की हालत इतनी खराब हो जाती है कि लोगों को कई किलोमीटर तक घुटने भर के खिचड़ो में पैदल चलकर अपने गांव से बाहर आवागमन करने को मजबूर रहते हैं।
दूसरी बड़ी बात यह है कि जब ग्रामीणों द्वारा इस जर्जर सड़कों की हालत को लेकर अधिकारी व क्षेत्रीय विधायकों को अवगत कराया जाता है तो उनके द्वारा केवल आश्वासन दिया जाता है आजादी के 74 साल बाद भी आज हमारे देश के नेता केवल जनता के सामने झूठे दावे करते नजर आ रहे हैं जिसके चलते आज एक छोटे से गांव का विकास नहीं हो पा रहा और इन्हीं नेताओं के काले कारनामों को छुपाने के चक्कर में दलाल अधिकारी ऐसे गांव का विकास भी रोक दे रहे हैं, जहां बार-बार ग्रामीणों द्वारा शिकायत करने के बावजूद भी यहां की बदहाल सड़कों की स्थिति नहीं सुधरी जिसके चलते नेता और अधिकारियों ऊपर तो काफी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं लेकिन इनके पास जनता को देने के लिए जवाब नहीं है।
अब देखना यह होगा कि खबर चलने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ऐसे बदहाल सड़कों की हालत की स्थिति को देखते हुए क्या शुद्ध लेती है और कब तक इन सड़कों की हालत को सुधार देता हैं या फिर आम जनता की आवाज को यूं ही नजरअंदाज करके छत्तीसगढ़ सरकार भी मौन बैठे रहेगा व आम जनता को यूं ही अपनी बदहाल स्थिति में मरने के लिए छोड़ देगा सवाल तो बहुत है मगर जवाब एक भी नहीं
छत्तीसगढ़ स्टेट हेड पप्पू यादव की खास रिपोर्ट।