चमोली हादसा : परिजनों की चीख-चीत्कारों से गूंज रहा है तपोवन
अपने परिजनों की तलाश में आए लोगों को सुरंग क्षेत्र से दूर रोका गया है। सुरंग से बचाव टीमें जैसे जैसे शव बाहर लाती, दूर खड़े लोगों की आंखों से आंसू झरने लगते। सोमवार को सुरंग से सबसे पहले पोखरी के संजय का शव सुरंग से बाहर लाया।

उत्तराखण्ड। तपोवन सुरंग में मौत का शिकार बने अपने परिजनों को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरा बैराज क्षेत्र परिजनों की करूण चीत्कारों से गूंज रहा है। कीचड़ में लथपथ शवों देखकर साफ लग रहा है कि उन्हें बहुत दर्दनाक मौत नसीब हुई।
अपने परिजनों की तलाश में आए लोगों को सुरंग क्षेत्र से दूर रोका गया है। सुरंग से बचाव टीमें जैसे जैसे शव बाहर लाती, दूर खड़े लोगों की आंखों से आंसू झरने लगते। सोमवार को सुरंग से सबसे पहले पोखरी के संजय का शव सुरंग से बाहर लाया। संजय के परिजन भी उसकी तलाश में आए हुए थे। शव की शिनाख्त होने के बाद जैसे ही पता चला कि संजय न रहा, परिजनों की चीख- करूण चीत्कारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
स्थानीय देवेंद्र सिंह के साथ संजय के परिजन यहां आए थे। अपने जिगर के टुकड़े को कीचड़ में लथपथ निष्प्राण देख परिजनों की आंखों आंसुओं का सैलाब बह निकला। सोनू लोदी और गजेन्द्र का शव भी इसी टनल से मिला। सोनू के ताऊ और गजेन्द्र के भाई को भी रो रोकर बुरा हाल था। सलदार का शव भी मलवे से पूरी तरह लिपा ढका है।