देवभूमि में साजिश के तहत हुआ हंगामा,धामी ने दिये “शूट एट साइट” के आदेश

उत्तराखंड मे हुई हिंसा अचानक नहीं भड़की, यह हिंसा को पूरा सोच समझकर एक समुदाय विशेष के लोगों ने इसे अंजाम दिया है और इसके सबूत भी अब सामने आ गए हैं। किन बातों से ये पता चलता है उन सब का खुलासा इस आर्टिकल में होने जा रहा है इसलिए आखिर तक इस आर्टिकल के साथ जुड़े रहे ताकी आपको पता चल सके की उत्तराखंड की शांति को आग लगाने वालों ने कैसे तैयारियां की हैं। लेकिन आपको बता दे किए हालात पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने अब शूट एट साइट के ऑर्डर दे दिए हैं और दू टूत ये संदेश दिया है कि अगर कोई दंगा करता मिलेगा तो उसका दि एंड वहीं के वहीं हो सकता है। इस पूरी हिंसक घटना की शुरुआत होती है हल्द्वानी में अवैध मस्जिद-मदरसे पर बुलडोजर एक्शन से, हलद्वानी के बनभूलपुरा इलाके में नगर निगम ने मस्जिद ( MASJID) और मदरसे (MADARSE) को जेसीबी (JCB) मशीन से मिट्टी मे मिला दिया। इसके बाद हिंसा की आग इतने भयानक तरीके से फैली कि पूरे इलाके में दंगा शुरु हो गया, शहर छावनी में तब्दील हो गया और कर्फ्यू लगा दिया गया. लेकिन ये सब अचानक नहीं हुआ था। दंगे की ये साजिश पहले से रची गई थी, जिसे लेकर हल्द्वानी के प्रशासन ने बड़ा खुलासा भी कर दिया है. हल्द्वानी हिंसा पर नैनीताल की डीएम वंदना सिंह ने जो खुलासे किए हैं, वह किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं।
नैनीताल डीएम वंदना सिंह के खुलासे से ये साफ हो रहा है कि हल्द्वानी हिंसा के पीछे एक सोची-समझी साजिश थी. नैनीताल डीएम वंदना सिंह के मुताबिक, मस्जिद-मदरसे को ध्वस्त करने से पहले नोटिस दिया गया था. जब नोटिस दिया गया था, तब वहां इतनी भारी मात्रा में पत्थर नहीं थे. मगर एक्शन वाले दिन वहां पत्थरों का अंबार लगा हुआ था। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने के आधे घंटे बाद ही आगजनी हो गई और मस्जिद के आसपास के घरों वाले छतों से पुलिसकर्मियों और नगर निगम के अफसरों पर पत्थरों की बरसात होने लगी।